आग की ज्वाला शांत हो भी जाए तो
यह मन की ज्वाला कैसे शांत हो ।
गैरों की गिला भूला भी दूं तो
अपनो की ये शिकवा कैसे ख़त्म हो ।
मेरा प्यार करना आपको नागवार गुजरा
आपने गैरों के सामने खूब किया मेरा मुजरा ।
हमने प्यार में मर -मिटने की कसमे खायी
आपने हमें दुनिया से ही विदा करने की ठान ली ।
यह कैसी परतिष्ठा जो अपनों को रुसवा करे
यह कैसी आन जो अपनों की जान ले ।
यह कैसी कीमत जो परम्परा के नाम पर चुकानी पड़े
यह कैसी मर्यादा जो अपनों को दूर करके रखनी पड़े ।
अपनी परंपराओ से नयी पीढियो को गुलाम मत बनाओ
झूठे आन की खातिर अपनी शान मत बढ़ाओ ।
यह दौर परिवर्तन का है इसे तो अपनाओ
अपनों की खातिर ही सही तूम अपना एक कदम आगे तो बढ़ाओ ।
रेशमा राय 'रश्मि '
यह मन की ज्वाला कैसे शांत हो ।
गैरों की गिला भूला भी दूं तो
अपनो की ये शिकवा कैसे ख़त्म हो ।
मेरा प्यार करना आपको नागवार गुजरा
आपने गैरों के सामने खूब किया मेरा मुजरा ।
हमने प्यार में मर -मिटने की कसमे खायी
आपने हमें दुनिया से ही विदा करने की ठान ली ।
यह कैसी परतिष्ठा जो अपनों को रुसवा करे
यह कैसी आन जो अपनों की जान ले ।
यह कैसी कीमत जो परम्परा के नाम पर चुकानी पड़े
यह कैसी मर्यादा जो अपनों को दूर करके रखनी पड़े ।
अपनी परंपराओ से नयी पीढियो को गुलाम मत बनाओ
झूठे आन की खातिर अपनी शान मत बढ़ाओ ।
यह दौर परिवर्तन का है इसे तो अपनाओ
अपनों की खातिर ही सही तूम अपना एक कदम आगे तो बढ़ाओ ।
रेशमा राय 'रश्मि '